ध्यान
जगत में मनुष्यों द्वारा निष्पादित सारे कार्यों को ध्यान से ही किया जाता है। खाना बनाना है तो ध्यान पूर्वक ही बनाना पड़ेगा। कार चलानी है तो ध्यान पूर्वक चलानी पड़ेगी।लेख लिखना है तो ध्यान पूर्वक लिखना है।
ध्यान
जगत में मनुष्यों द्वारा निष्पादित सारे कार्यों को ध्यान से ही किया जाता है। खाना बनाना है तो ध्यान पूर्वक ही बनाना पड़ेगा। कार चलानी है तो ध्यान पूर्वक चलानी पड़ेगी।लेख लिखना है तो ध्यान पूर्वक लिखना है।
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