मानव जीवन का सदुपयोग:
मानव जीवन बहुमूल्य है। क्योंकि इसमें सारे साधन हैं अपने स्वयं, आत्मन को जानने के लिए, अपने मूल स्वरुप को जानने के लिए और सम्पूर्ण अस्तित्व को जानने के लिए।पांच ज्ञानेन्द्रियों, अन्य सूक्ष्म ज्ञानेन्द्रियों, मन, बुद्धी, विवेक बुद्धि, प्रज्ञा इत्यादि उपलब्ध हैं।