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रविवार, 6 मार्च 2022

जब बहु काल करिये सत्सङ्गा

जब बहु काल करिये सत्सङ्गा:


जब बहु काल करिये सत्संगा । तबहि होहि सब संशय भंगा ।। (उत्तरकांड 60.2)

रामायण के प्रसंग में शिव गरुड़ से कहते हैं कि सभी संशय और प्रश्नों का समाधान तभी हो सकता है जब बहुत काल (समय ) तक सत्संग किया जाय। 

विश्व शांति का स्त्रोत भारतीय संस्कृति और अध्यात्म भाग 3

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